पुरोहितांच्या स्टिंग ऑपरेशनमधला संवाद जशाचा तसा

June 26, 2015 6:52 PM0 commentsViews:

raj purohit sting text26 जून : भाजपचे आमदार राज पुरोहित यांच्या स्टिंग ऑपरेशनमुळे एकच खळबळ उडालीये. पुरोहित यांनी थेट पंतप्रधान नरेंद्र मोदी यांच्यावर टीका केलीये. एवढंच दिवंगत नेते प्रमोद महाजन यांची संपत्ती मंगलप्रभात लोंढा यांनी लाटली असा आरोपही केलाय. पुरोहितांच्या स्टिंग ऑपरेशनमुळे भाजपमध्ये राजकीय भूकंप आलाय. हे स्टिंग ऑपरेशन कुणी केलं कसं केलं हे जरी गुलदसत्यात असलं तरी त्यावरून भाजपचा अंतर्गत वाद चव्हाट्यावर आलाय. या स्टिंग ऑपरेशनमधील राज पुरोहितांचा संवाद जसाच तसा….

प्रश्न : सेंटर में भी पावर सिर्फ दोन ही जगह हैं एक अमित शाहजी के पास और दुसरा मोदीजी के पास…बाकी सब एक लेव्हल पे..

राज  पुरोहित - तो उसमे गलत क्या है ?

राज पुरोहित - ऑल डेमोक्रेसी इज न्यूसंन्स. वो क्या बोलते हैं कलेक्टिव्ह लिडरशीप जैसी कोई चीज नहीं होती. ये धोका हैं. कोई आदमी ऐसा बतात है की मैं सबको साथ ले के चलता हूँ.. वो फ्रॉड है फ्रॉड… व्हॉट इज कलेक्टिव्ह लीडरशीप… ये दो लोग जो डिसाईड करते हैं वो दस लोगों से अप्रूव्ह करते हैं… दॅट्स इट…जब टाईम आता है चुनाव का तो कमिटी मेंबर से नहीं जमता पैसा लाने काययय

तो ऐसी गलतीयां नहीं करनी चाहिए नरेंद्र भाई अच्छा काम कर रहे हैं. परंतु गलतियां नहीं करनी चाहिए जिसके कारण समाज के समाज अपने से अलग हो जाए…जैसे बनिया हैं…सबसे बडा सपोर्टर हैं अपना… हार्ड कोअर सपोर्टर हैं… काँग्रेस के मिस रूल से दु:खी था…अब आपने क्या कानून बनाया के 1 लाख रुपये से ज्यादा सोना खरिदना है, दागिना खरिदना है तो अपना पॅन कार्ड बताना पडेगा… अब देस में आधी इकॉनॉमी तो ब्लॅक मनी से चल रही हैं.

पॅन कार्ड चला रहे हो…! बनिया का व्यापार रुक गया के नहीं…! मेरी खरेदी रुक गई के नहीं…! नहीं रुकी तो एक दिन एक बिल बनाऊंगा… दुसरे दिन दुसरा बनाऊंगा…75 थाऊझंड का…तो परेशानी तो हुई ना… तो सबसे बडा वर्ग ये जो अपना व्यापारी हैं उसको फिलिंग हो गया ना की मेरी सरकार कहा हैं… अब आपने ब्लॅक इकॉनॉमी को कंट्रोल करने का बिल लाए… ठिक हैं क्या… 5 लाख रुपये क्या बडी अमाऊंट हैं…

एक तरफ आप कहते हो के ढाई लाख डॉलर यू कॅन इन्वेस्ट आऊटसाईड… और दुसरी तरफ कहते हैं की विदेश के साथ एक-एक रुपये का हिसाब देना चाहिए… कॉन्ट्रॅडिक्शन है ना… और सजा कितनी… ****10 साल… कल्पेबल होमिसाईड हैं क्या ये… आप समझे ना.. मैं तो टॉप, इंडिया पे जो रुल करते हैं उन व्यापारीयों के साथ बैठता हूँ… जिनके साथ मैं बैठता हूँ किसी का तो भाग्य भी नहीं उनके साथ बैठने का… तो वो बोलते हैं ना की व्हॉट धिस इव्हरिथिंग इज गोईंग ऑन… डिसिजन क्या आया… क्या लेना देना… चलने दो ना… अच्छा चल रहा हैं ना यार… हर चिज में तुम काला ही देखोंगे… ऐसा थोडे ही होता हैं ना यार… और तुमारे को पैसा तो आ रहा हैं ना…

दुसरा भाग

पुरोहित : मुझपे बहोत इनजस्टिस चल रहा हैं अभी… आय एम वन ऑफ द सीनिअर मोस्ट परसन्स…आय शुड हॅव बिन अ व्हेरी सीनिअर मिनिस्टर.. नेक्स टू खडसे ओनली…

प्रश्न : तो कौन है इसके पिछे ?

पुरोहित : है कुछ परटिक्युलर… हा… लोढा…
सब बिकते है ना लोग… बाकी क्या है…
उसको लगा के मैं मिनिस्टर हो जाऊंगा… तो मैं कभी नहीं हो पाऊंगा… बहोत पैसा दिया चुनाव में… बहोत मिन्स करन्सीस…
लेकिन इतना पैसा था नहीं उसके पास…बिलकुल नहीं था… ये प्रमोद महाजन… चांदी हो गई उसकी… उनका सारा उसके पास ही रह गया ना…

प्रश्न : तो वो लॉबी लगी हुई है आपके पिछे ?

पुरोहित : लॉबी कुछ नहीं… वो अकेला…मेरे एनीमी की कोई लाईन नहीं है… आय डोन्ट हॅव एनीमी…
एक्सेप्ट दोज हु आर ऍन्टी मुंडे लिटिलबिट… दे आर नॉट यूज टू मी… बट दे आर नॉट एनीमीज…मॅच्युरिटी देअर नो… ऍन माय एक्सपेरियन्स…

प्रश्न :…तो मुख्यमंत्री ?

पुरोहित : रोज उसके साथ (मुख्यमंत्री फडणवीस) ही बैठता हू ना…

प्रश्न : तो फिर उन्होंने आपको मंत्री…

पुरोहित : लोढा ने पैसा दिया…

प्रश्न : तो इसका मतलब उनपर भी दबाव है उपर से…?

पुरोहित : (पुरोहित यांनी मान हलवली) मतलब नाम आता है तो मेरा नाम नहीं होता उपर से… समझे ना… आरएसएस में भी उसकी बहोत चलती हैं…रुपया… बहोत पैसा हैं… ही इज ए व्हेरी बिग बिल्डर…

 

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