व्यंगचित्रकार असीम त्रिवेदींचे पत्र

September 10, 2012 12:04 PM0 commentsViews: 58

10 सप्टेंबर

वादग्रस्त व्यंगचित्रकार असीम त्रिवेदीला न्यायालयीन कोठडी सुनावण्यात आली आहे. त्रिवेदींही जामीन घेण्यास नकार दिला आणि जेलमधूनच लढा देऊ अशी घोषणा केली. असीम यांनी एक पत्र लिहून आपली भूमिका स्पष्ट केली आहे. हे पत्र आयबीएन-लोकमतकडे आहे.या पत्रात असीम म्हणतो,

'साथियों अगर सच बोलना देशद्रोह है तो मैं देशद्रोही हूं। अगर अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना देशद्रोह है तो मैं देशद्रोही हूं। हां मैं देशद्रोही हूं अगर देशप्रेम और देशद्रोह की परिभाषाएं बदल चुकी हैं। मैं भी देशद्रोही हूं अगर गांधी, भगत सिंह और आझाद देशद्रोही थे।

मैं अपने देश के नागरिकों और संविधान के अपमान का विरोध करता हूं और अपने काईनों के माध्यम से मैं देश के प्रतिकों और संविधान के अपमान का विरोध करता हूं। दोस्तों कला और साहित्य समाज का दर्पण है और मैंने अपने कार्टुन्स में वही दिखाया है जो अपने चारों ओर देखा है।

मेरी पूर्ण आस्था भारतीय संविधान और संविधान निर्माता डॉ. आंबेडकर के साथ है। इसलिए संविधान का अपमान होते देख मुझे कष्ट होता है। और मैं अपने कार्टुन्स के जरिए इन्हें रोकना चाहता हूं।

मैं गांधी के रास्ते पर चल रहा हूं और स्वयं को कष्ट देकर देश की सेवा करना चाहता हूं। मेरे जेल में होने पर परेशान न हो, अण्णाजी कहते हैं की देश के लिए जेल जाना तो हमारा भूषण है। इसलिए मैं जमानत नहीं मांग रहा क्योंकि मैंने जो किया उसपर मुझे गर्व है और मैं यह बार बार करूंगा। मैं कोई अपराधी नहीं हूं के मैं पैसे जमाकर के जमानत लूं। जबतक देशद्रोह जैसा तानाशाही और ब्रिटिशराज का ये कानून नहीं हटाया जाएगा, मैं जेल में रहकर ही 124(ए) और सेंसरशीप के खिलाफ लड़ाई लड़ता रहूंगा।

असीमवर गुन्हा दाखल

कलम 124, भारतीय दंड विधानदेशद्रोह : कुणीही लिखाणातून, भाषणातून किंवा चिन्हांनी भारत सरकारविरोधात द्वेष, अपमान किंवा तिरस्कार निर्माण केला किंवा तसं करण्याचा प्रयत्न केला, तर त्या व्यक्तीला जन्मठेपेची शिक्षा दिली जाईल

कलम 66 अ, माहिती तंत्रज्ञान कायदात्रास देणे, गैरसोय करणे, धोका निर्माण करणे, अपमान करणे, जखमी करणे, धमकी देणे, द्वेष निर्माण करणे यांसाठी वाईट हेतूने खोटे किंवा आक्षेपार्ह संदेश पाठवले, तर त्या व्यक्तीला 3 वर्षांपर्यंत शिक्षा दिली जाऊ शकते

कलम 2, राष्ट्रीय स्वाभिमानाचा अपमान प्रतिबंधक कायदाकुणीही सार्वजनिक ठिकाणी किंवा लोक बघू शकतील अशा ठिकाणी राष्ट्रध्वज किंवा भारताची घटना किंवा त्यांचा काही भाग जाळला, विद्रूप केला, पायांनी तुडवला, नष्ट केला, तर त्या व्यक्तीला 3 वर्षांपर्यंत शिक्षा होऊ शकते

close